
दिल्ली। भारत के पैरा बैडमिंटन स्टार प्रमोद भगत ने पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन स्वर्ण पदक जीतकर कमाल कर दिया। प्रमोद ने एकल, युगल और मिश्रित युगल में स्वर्ण पदक जीता। प्रमोद भगत ने एसएल3 एकल फाइनल में जापान के डाइसुके फुजिहारा के खिलाफ पहला सेट हारने के बावजूद जीत दर्ज करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। 1 घंटे 33 मिनट तक चले कड़े मुकाबले को उन्होंने 17-21, 21-19, 21-10 से जीता।
पुरुष युगल के फाइनल में, भगत ने सुकांत कदम के साथ मिलकर हमवतन जगदीश दिल्ली और नवीन शिवकुमार को तीन सेटों के कड़े मुकाबले में 21-17, 18-21, 21-16 से हराया। वहीं मनीषा रामदास के साथ मिश्रित युगल एसएल4-एसयू5 का खिताब हमवतन नितेश कुमार और तुलसीमथी मुरुगेसन को 21-19, 21-19 से हराकर जीता। तीन स्वर्ण जीतने के बाद प्रमोद ने कहा, जापान में तीन स्वर्ण पदक जीतना मायने रखता है। ऐसे देश में प्रदर्शन करना हमेशा खास होता है जो पैरा बैडमिंटन को महत्व देता है। हर मैच ने मुझे मानसिक और शारीरिक रूप से परखा। मुझे इस बात पर गर्व है कि मैंने दबाव को कैसे संभाला। यह जीत मुझे भविष्य के टूर्नामेंटों के लिए बहुत प्रेरणा देती है।
टोक्यो पैरालंपिक चैंपियन कृष्णा नागर ने एकल और मिश्रित युगल दोनों में दो स्वर्ण पदक जीते, जबकि सुकांत कदम ने पुरुष युगल में स्वर्ण और एकल में एक रजत पदक जीता। कृष्णा नागर ने एसएच6 पुरुष एकल और एसएच6 मिश्रित युगल में दो स्वर्ण पदक जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। एकल फाइनल में, नागर ने अमेरिका के माइल्स क्रेजेवस्की को हराया। वहीं नित्या श्री के साथ मिलकर, कृष्णा ने मिश्रित युगल में स्वर्ण पदक जीता।



