
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आर्थिक समृद्धि को देखते हुए ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। इसके तहत ऑयल पाम की ख्ेाती करने वाले किसानों को केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा अनुदान के अलावा राज्य सरकार टॉपअप के रूप में अतिरिक्त अनुदान दे रही है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम के प्रयास से ऑयल पॉम की खेती छत्तीसगढ़ में जोर पकड़ने लगी है। सरकार की इन नीतिगत फैसलों सेे ऑयल पाम की खेती के लिए किसान आकर्षित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आर्थिक समृद्धि को देखते हुए ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। इसके तहत ऑयल पाम की ख्ेाती करने वाले किसानों को केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा अनुदान के अलावा राज्य सरकार टॉपअप के रूप में अतिरिक्त अनुदान दे रही है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम के प्रयास से ऑयल पॉम की खेती छत्तीसगढ़ में जोर पकड़ने लगी है। सरकार की इन नीतिगत फैसलों सेे ऑयल पाम की खेती के लिए किसान आकर्षित हो रहे हैं।
योजना के तहत पहले केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा (60ः40 के अनुपात में) अनुदान दिए जा रहे हैं। इसके तहत 1.30 लाख रूपए प्रति हेक्टेयर के अनुदान के साथ अब राज्य सरकार द्वारा राशि 69,620 रूपए का अतिरिक्त अनुदान चालु वित्तीय वर्ष 2025-26 से देने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत रख-रखाव के लिए 10,500 रुपये प्रति हेक्टेयर के इकाई लगत पर 5250 रुपये का अनुदान पूर्व से दिया जा रहा था, जिसके अतिरिक्त अब 1500 रुपये टॉप अप के रूप में राज्य शासन द्वारा अनुदान प्रदाय किया जाएगा। इसी तरह अंतरवर्तीय फसल लेने पर 10,500 रुपये प्रति हेक्टेयर के इकाई लगत पर 5250 रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान पूर्व से दिया जा रहा था, जिसके अतिरिक्त अब 5000 रुपये प्रति हेक्टेयर टॉप अप के रूप में अनुदान प्रदाय किया जाएगा।




